Sachin Tendulkar कैसे बना खिलाड़ियों के खिलाड़ी

सचिन रमेश तेंदुलकर ( जन्म: 24 अप्रैल 1973) क्रिकेट के इतिहास में विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित होने वाले वह सर्वप्रथम खिलाड़ी और सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं।

2008 में उद्घाटन इंडियन प्रीमियर लीग ट्वेंटी -20 प्रतियोगिता में तेंदुलकर को अपने घरेलू मैदान में मुंबई इंडियंस के लिए आइकन खिलाड़ी और कप्तान बनाया गया था। एक आइकन खिलाड़ी के रूप में, वह $ 1,121,250 की राशि के लिए हस्ताक्षर किए गए, टीम के सनथ जयसूर्या में दूसरे सबसे ज्यादा भुगतान करने वाले खिलाड़ी की तुलना में 15% अधिक।

सचिन तेंदुलकर क्रिकेट में बल्लेबाजी दायें हाथ से करते हैं किन्तु लिखते बायें हाथ से हैं। वे नियमित तौर पर बायें हाथ से गेंद फेंकने का अभ्यास करते हैं। उनकी बल्लेबाज़ी उनके बेहतरीन संतुलन और नियंत्रण पर आधारित है। वह भारत की धीमी पिचों की बजाय वेस्ट इंडीज़ और ऑस्ट्रेलिया की सख्त व तेज पिच पर खेलना ज्यादा पसंद करते हैं । वह अपनी बल्लेबाजी की अनूठी पंच शैली के लिये भी जाने जाते हैं।

तेंडुलकर नियमित गेंदबाज़ नहीं हैं, किन्तु वे मध्यम तेज, लेग स्पिन व ऑफ स्पिन गेंदबाज़ी में प्रखर हैं। वे कई बार लम्बी व देर से टिकी हुई बल्लेबाजों की जोड़ी को तोड़ने के लिये गेंदबाज के रूप में लाये जाते हैं। भारत की जीत पक्की कराने में अनेक बार उनकी गेंदबाजी का प्रमुख योगदान रहा है।

2011 आईपीएल में, कोच्चि टस्कर्स केरल के खिलाफ, तेंदुलकर ने अपना पहला ट्वेंटी -20 शतक बनाया। उन्होंने 66 गेंदों पर नाबाद 100 रन बनाए। आईपीएल में 51 मैचों में उन्होंने 1,723 रन बनाये, जिससे उन्हें प्रतिस्पर्धा के इतिहास में दूसरा सबसे ज्यादा रन-स्कोरर बना। 2013 में, सचिन ने इंडियन प्रीमियर लीग से सेवानिवृत्त हुए,[17] और वर्तमान में 2014 में उन्हें मुंबई इंडियंस टीम के ‘आइकन’ के रूप में नियुक्त किया गया है १६ नवम्बर २०१३ को मुंबई के अपने अंतिम टेस्ट मैच में उन्होंने ७४ रनों की पारी खेली। मैच का परिणाम भारत के पक्ष में आते ही उन्होंने ट्र्स्ट क्रिकेट को अलविदा! कह दिया।

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