नरेंद्र मोदी 66th कन्वैक्शन आईआईटी खड़कपुर में छात्रों को अपील की सिर्फ आपको निकल कर अपना जीवन ही नहीं बनाना है जानिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईआईटी के छात्रों को संबोधित करते हुए छात्र के जीवन में और देश हित के काम करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए छात्रा को जो छात्रों को जीवन और देशहित के काम के लिए एक महत्वपूर्ण सुझाव हो सकता है, प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत इस तरह से की संजीव गोयनका जी डायरेक्टर पीके तिवारी जी अन्य सभी साथी

कर्मचारी पेरेंट्स और मेरे युवा साथी आज का दिन आईआईटी खड़गपुर सिर्फ उनके लिए है जिनको आज का दिन नए भारत के निर्माण के लिए भी उतना ही आप सभी से आपके पैरेंट्स और आपके प्रोफेसर की उम्मीद की 130 करोड़ की आकांक्षाओं के भी प्रतिनिधि देश को 21वीं सदी के भारत में 15 दिन के लिए नई लीडरशिप हमारे दुनिया में हमारी दुनिया में हमारे

कॉरपोरेट वर्ल्ड में और देश की प्रशासनिक व्यवस्था इससे निकल कर आपको अपना नया जीवन नहीं करना है आपको देश के करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाले स्वयं में एक यह जो डिग्री आपके हाथ में हैं वह एक तरह से करोड़ों आशाओं का आकांक्षा पत्र है जी ने आप को पूरा करना आप वर्तमान पर नजर रखते हुए सूची एंटीसिपेट करें हमारी जरूरत है 10 साल बाद

क्या जरूरत होने वाली उनके लिए आज काम करेंगे तो कल के इनोवेशन भारत आज बनाएं साथियों इंजीनियर होने के नाते आप बेहद से विकसित होती और वह है चीजों को वेटरन से अंत तक ले जाने की क्षमता यानी एक तरह से आप में विषयों को ज्यादा विस्तार से देखने की नए फैशन की आप में इसलिए आज हमारे आस पास इंफॉर्मेशन का भंडार है उसमें से प्रॉब्लम और

उनके पैटर्न आप बहुत बारीकी से देखते हैं हर प्रॉब्लम के साथ जुड़े हैं समस्याओं के पोलूशन की तरफ ले जाती और उसे समझ कर समाज में दिखाएं और इस बात की भी पूरी संभावना है कि समाधान आपको कमर्शियल शक्ति दे सेल्फ कॉन्फिडेंस और 10 सबसे बड़ी ताकत होती है वह है हेल्पलेसनेस आप अपने समर्थकों पहचान कर आगे बढ़े पूरे आत्मविश्वास से आगे बढ़े और

निस्वार्थ भाव हमारे यहां कहा गया है स्नेही पंखा स्नेही कथा शैलेश पर्वत रंग रंग संध्या सनम पता नहीं जब रास्ता लंबा हो चादर की सिलाई हो पहाड़ की चढ़ाई हो बढ़ाई हो या जीवन के लिए कमाई हो इन सभी के लिए है यह दिखाना होता है धीरज रखना होता है विज्ञान में सैकड़ों साल पहले की समस्याओं को आज काफी सरल कर दिया लेकिन नॉलेज इन को लेकर एक कहावत

धीरे धीरे धीरे से यह कहावत आज भी उतनी ही संभव है आप सभी साइंस टेक्नोलॉजी इनोवेशन करें जल्दबाजी के लिए आपने जो सोचा काम कर रहे हैं और टेक्नोलॉजी कल असफलता से एक नया रास्ता आपको सफलता के रास्ते पर जाते हुए देखना चाहता हूं यह असफलता ही सफलता का रास्ता बना सकता है इंस्टीट्यूट ऑफ इंजिनियर्स टेक्नोलॉजी के मामले में नेक्स्ट लेवल पर ले जाने की जरूरत है हमारी आईडी जितना ज्यादा भारत की चुनौतियों को दूर करने के लिए विश करें भारत के लिए

समाधान तैयार करें एप्लीकेशन सफल होगा चीन की चुनौतियों से जूझ रहे भारत में इंटरनेशनल सोलर एलायंस शाइस्ता का विचार दुनिया के सामने रखा और इसे मूर्त रूप दिया आज दुनिया के अनेक देश भारत द्वारा शुरू किए गए इस अभियान से जुड़ रहे अब हम पर दायित्व हैं कि हम इस अभियान को और आगे ले जाएं क्या हम दुनिया को स्वस्थ भारत की इस पहल को और आगे ले जाएं भारत के पहचान को और मजबूत करें आज भारत उन देशों में से हैं जहां सोलर पावर की कीमत प्रति यूनिट बहुत कम है लेकिन घर-घर तक सोलर पावर पहुंचाने के लिए अभी बहुत चुनौतियां हैं मैंने तो एक बार कहा भी था मैं वही

करूंगा चलाएं और 16 के आधार पर ही घर में चलता हो और 16 के आधार पर ही घर के लिए आवश्यक एनर्जी स्टोरेज की बैटरी की व्यवस्था बना सकते हैं शक्ति बैटरी की जो खोज हो रही है उसको एक व्हाट्सएप से टाइप कर देगा अब यह काम के नौजवानों से बढ़कर के फोन कर सकता है भारत को ऐसी टेक्नोलॉजी चाहिए जो एनवायरनमेंट को कम से कम नुकसान पहुंचा है ड्यूरेबल हो और लोग ज्यादा आसानी से उसका इस्तेमाल करते हैं साथियों डिजास्टर मैनेजमेंट भी एक ऐसा विषय है जिस पर भारत ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया बड़े डिजास्टर में जीवन के साथ ही सबसे ज्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान होता है