Sanyukt Kisan Morcha ने भारत बंद का ऐलान किया है नए तीनों कानून के विरोध में

केंद्र सरकार ने नए तीन  कृषि कानून बनाए हैं लेकिन इसमें किसानों का हित नहीं है किसान भाजपा सरकार को कहते हैं कि यह काले कानून को वापस लो हमें यह कानून मंजूर नहीं है सरकार ने किसानों के मांगो सुनवाई नहीं की इसलिए देश में किसान आंदोलन चालू है

यह आंदोलन लगातार 100 दिन से ज्यादा दिन चल रहा है फिर भी केंद्र सरकार को इस बात की गंभीरता नहीं है इसलिए संयुक्त किसान मोर्चा ने  आंदोलन को  और मजबूत बनाने के लिए सुस्त पड़े आंदोलन को तेजी लाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने आगामी कार्यक्रम का  नियोजन किया है|

संयुक्त किसान मोर्चा ने 15 मार्च से 28 मार्च तक का अपना कार्यक्रम सुनिश्चित किया है।सबसे पहला 15 मार्च को डीजल पेट्रोल के बढ़े  नामों के संबंधित और निजीकरण के खिलाफ ट्रेड यूनियन के साथ मिलकर धरने प्रदर्शन करने का इरादा है उसके बाद 19 मार्च को  मंडियों के बाहर प्रदर्शन करेंगे 23 मार्च को शहीद दिवस पर सब लोग भगत सिंह वाली पीली पगड़ी बांधकर विशेष प्रदर्शन करेंगे

26 मार्च को किसान आंदोलन के 4 महीना पूरा होने पर संयुक्त किसान मोर्चा ने 26 मार्च को भारत बंद का ऐलान किया है। इस बार की बंदी पूरे दिन की होगी। योजना एक भी वाहन के सड़क पर न आने देने की है। दूसरी तरफ युवाओं को द्वारा आंदोलन से जोड़ने की कोशिश भी की जाएगी। इसका फैसला संयुक्त किसान मोर्चा की बुधवार दोपहर बाद बैठक में किया गया। 28 मार्च को होली के दहन में पूरे भारत के अंदर तीनों कृषि कानून की प्रतियां जलाई जाएगी 

इसमें किसान संगठनों का जोर आंदोलन को दुबारा तेज करने का है। हम सब समर्थन करते हैं। सभी से अपील है वे किसानों का साथ दें।